गांव प्रधान साल्हापुर ने किया सरकारी धन का दुरूपयोग-चौधरी

गांव प्रधान द्वारा सरकारी धन का दुरुपयोग कर खर्च किया नीजीहित में★गांव में पचास लाख मकान के निर्माण पर,बेटे को शिक्षा के लिए कनाडा,गांव में जमीन खरीदना बिना भ्रष्टाचार के नहीं संभव – विरेन्द्र चौधरी

विनय कुमार/सुनिल बाटला

सहारनपुर। सरकारी खजाने के दुरूपयोग को लेकर गांव साल्हापुर ब्लॉक नागल के गांव प्रधान श्रीमती ममता व उसके पति विनोद कुमार की जिलाधिकारी को शिकायत कर जांच की मांग की। पश्चिमांचल प्रदेश निर्माण संगठन के विशेष सचिव स्वत्रंत प्रभार विरेन्द्र चौधरी ने जिलाधिकारी को की गई शिकायत में कहा गया कि पिछले पांच वर्षो में गांव प्रधान ने मकान,बेटे को पढ़ाई के लिए विदेश भेजना व खेती की जमीन खरीदना सरकारी धन के दुरूपयोग के कारण ही संभव हो पाया है। सरकार को चाहिए कि निष्पक्ष जांच कर सरकारी धन की वसूली की जाये।
समाचार के अनुसार पश्चिमांचल प्रदेश निर्माण संगठन के विरेन्द्र चौधरी ने कहा कि प्रधानपति के पास मात्र 40 बीघा खेती की जमीन है। खेती के अलावा उनका कोई कारोबार नहीं है। प्रधानपति ने अपने प्रधान कार्यकाल में 50 से 55 लाख रूपया मकान में लगाया,जो शिकायत के दिन तक निर्माणाधीन है।अपने बेटे को उच्च शिक्षा के लिए कनाडा भेजा जिस पर भी 30 से 35 लाख रूपयों का खर्च आया। इसके अलावा गांव में ही लगभग 30 लाख की जमीन खरीदी। यह सब भ्रष्टाचार से ही संभव है।
विरेन्द्र चौधरी ने कहा कि प्रधानपति विनोद द्वारा अर्जित की गई इतनी संपत्ति बिना भ्रष्टाचार के संभव नहीं है।उन्होंने कहा सक्षम अधिकारी मौके पर जाकर निष्पक्ष इसकी जांच करे तो साफ हो जायेगा कि गांव में कहीं विकास नहीं हुआ,केवल गांव प्रधान का विकास हुआ है। गांव प्रधान के घोटालों में प्रधान सचिवों की भी जांच होनी चाहिए, क्योकि प्रधानों को सचिव ही रास्ता दिखाते है। उन्होंने कहा अगर जांच कराई जाये तो आपको पता चलेगा कि जनपद में अपवाद को छोड़कर कोविड फंड का दुरूपयोग किया गया है। कोविड काल में अपवाद को छोड़कर सभी गांव प्रधानों ने कोविड-19 के लिए आबंटित धनराशि का बंदरबांट किया है,जो अपने आप में एक बड़ा घोटाला है। कोविड-19 की रोकथाम के लिए आंबटित धनराशि की भी जांच होनी नितांत जरूरी है।

News Reporter

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