पूरब की राजनीति और ब्यूरोक्रेट्स का अघोषित गठबंधन पश्चिमांचल निर्माण में बाधा ● विरेन्द्र चौधरी

पूरब की राजनीति और ब्यूरोक्रेट्स का अघोषित गठबंधन पश्चिमांचल निर्माण में बाधा :- विरेन्द्र चौधरी ★ पश्चिमांचल के लिये जनता को सही नेतृत्व की तलाश :- जे एस बज़ाज ★ पश्चिमांचल के लिये जनता की सहभागिता जरूरी :- जगवीर सागंवान ★ पश्चिमांचल आंदोलन में महिला रहेगी अग्रिम पंक्ति में :- रीना सिंह

D P SINGH/ ANIL GAUR
मेरठ। आज़ादी में आज़ादी के प्रहरी आज दीपावली के व्यस्त दिन में भी आजा़दी के लिए चिंतन में मशगूल है। इनका कहना है कि अगली दीवाली पश्चिमांचल में मनाने को आतुर है। इसीलिए गढ़ गंगा मेले में गढ़मुक्तेश्वर में कैंप लगाकर जन जागरण की तैयारी की जा रही है।
पश्चिमांचल निर्माण संगठन के वरिष्ठ नेता एवं रणनीतिकार किसान नेता चौधरी सांगवान ने संवाददाता को बताया कि विगत 20 वर्षो से पश्चिमं उत्तर प्रदेश को प्रथक राज्य बनाने की मुहिम चल रही है।लेकिन जनता ने पर्याप्त संख्या में भाग नहीं लिया, संख्या बल कम होने के कारण कदम पीछे खिंचने पडे़।जब तक प्रथक राज्य के लिए क्षेत्रीय जनता कमर कस कर मैदान में नहीं आयेगी तब तक प्रथक राज्य बनने में दिल्ली रूचि नहीं दिखायेगा। जगवीर सांगवान ने कहा कि 24 करोड़ लोगो का प्रदेश कभी तरक्की नहीं कर सकता। तरक्की के नजरिए व अच्छी व्यवस्था के लिए छोटे राज्य का होना जरूरी है।

कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अतिरिक्त मुख्य संगठक इंजी० सरदार जे एस बजाज का मानना है कि तरक्की और रोजगार के लिये छोटा प्रदेश होना जरूरी है
बजा़ज ने कहा कि पश्चिमांचल के लिए कभी ईमानदाराना प्रयास नही हुए।लोगो ने पश्चिमांचल के नारे को अलग-अलग नाम से अपने राजनीतिक कैरियर के इस्तेमाल किया। इसीलिये वे इस मुद्दे को कभी जन आंदोलन में नहीं बदल सके। उन्होंने कहा पश्चिमं की जनता आंदोलन के लिए तैयार है।राजनीतिक विश्वासघात की शिकार जनता को आंदोलन के लिए नेतृत्व की तलाश है। उन्होंने पश्चिमांचल निर्माण सगंठन के प्रयासों की सराहना की।
पश्चिमांचल निर्माण सगंठन के विशेष सचिव जनसंपर्क विरेन्द्र चौधरी ने कहा कि पुरब की वेषभूषा-बोली का आधार और सत्ता का केंद्र लखनऊ होने के कारण हमेशा पश्चिमं का शोषण हुआ है। पूरब की राजनीति और ब्यूरोक्रेट्स के लिये पश्चिमं कुबेर का खजाना है। इसलिए इन दोनों लोबियों में अघोषित गठबंधन है।दोनों मिलकर हमारे हको पर डाका डाल रहे है। चौधरी ने कहा मुलायम सिंह यादव पश्चिमांचल के सबसे बडे़ खलनायक है।उत्तराखंड आंदोलन में उनकी खलनायकी को सबने देखा था। उन्होंने कहा लखनऊ की राजनीति कुबेर के खजाने के चक्कर में हमें बांटने का काम करती है। इसलिए छोटी सी घटना का खूब प्रचार किया जाता है। चौधरी का मानना है कि जिस दिन हिंदू और मुसलमान संगठित होकर पश्चिमांचली हो गये,उस दिन 24 से 72 घंटो में पश्चिमांचल की घोषणा हो जायेगी।
पीएनएस महिला विगं की राष्ट्रीय अध्यक्षा रीना सिंह ने कहा कि तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड व उत्तराखंड आंदोलनों में अग्रणी भूमिका में थी। वहां प्रथक राज्यों की घोषणा हुई।श्रीमती सिंह ने कहा पश्चिमं के आंदोलन में महिलाओं को दूर रखा गया। इसलिए जन आंदोलन कमजोर रहे।जिस दिन महिलाएं आंदोलन से जुड़ने लगेगी, उस दिन उनके साथ उनके परिवार भी आंदोलन में स्वतः जुड़ जायेगें। वे इसी के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा मेरठ का इतिहास गवाह है आजादी की लडा़ई मेरठ से शुरू हुई थी।मेरठ फिर इतिहास लिखेगा पश्चिमांचल आंदोलन मेरठ से जोर पकडेगा। इस बार महिलाएं अग्रणी पंक्ति में होगी और दिल्ली को पश्चिमांचल की घोषणा के लिए मजबूर कर देगीं।

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