मानकमऊ में बाग काटकर विकसित हो रही कालोनी

मानकमऊ में बाग काटकर विकसित हो रही कालोनी
प्रशासनिक विभागों की भूमिका संदिग्ध

विरेन्द्र चौधरी

सहारनपुर। सहारनपुर विकास प्राधिकरण परिक्षेत्र में हरे-भरे वृक्षों को काटकर कालोनियां विकसित की जा रही है। जिसके कारण पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। अविकसित कालोनियों में प्लाट बेचकर खरीदारों के साथ धोखा किया जा रहा है। ग्लोबल वार्मिंग को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है, प्र्यावरण को लेकर एन.जी.टी. ने वन विभाग, विकास प्राधिकरण व पुलिस से सांठगांठ कर बागों को काटकर अवैध कालियां विकसित की जा रही है।
ऐसा ही एक मामला मानकमऊ का प्रकाश में आया है, यहां बड़ी नहर के निकट 39 बीघा जमीन पर लगे फलदार आम के बाग के लगभग 90 से अधिक पेड़ो को काटकर अवैध कालोनी को विकसित किया जा रहा है। उक्त खेती बाग की 39 बीघा जमीन मानकमऊ निवासी नसीम व कलीम द्वारा बेची जा रहे है। जिसपर सत्तार व भूरा नामक भूमाफिया प्लाटिंग कर विक्रय की जाती है। उसपर नियमानुसार 20 प्रतिशत कैपिटल टैक्स बैठता है, जिसे बचाने के लिए एक खेल खेला गया है, जिससे आयकर को बचाया जा सके। इस जमीन पर करोड़ो का आयकर बैठता है।
कमाल की बात यह है कि 39 बीघा के हरा भरा बाग की मेड और पुलिस चैकी मिली हुयी है, फिर भी इतना विशाल बाग एक ही रात में काटकर वहां मैदान बना दिया गया और पुलिस चैकी इंचार्ज को पता नहीं चल सका, वन विभाग के अधिकारी खामोश है। बिना अनुमति के इतना बड़ा बाग काट लिया गया, वन विभाग को इसकी जानकारी नही, ऐसा संभव नहीं है। अगर बाग को अनुमति लेकर काटा गया तो सवाल है कि हरे-भरे 90 से अधिक वृक्षों के कटान की अनुमति किस आधार पर दे दी गई है। वन विभाग की भूमिका भी संदिग्ध है। जांच होने पर ही पता लगाया जा सकेेंगा कि बाग के कटान में विभाग के कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी जिम्मदार है।
विकास प्राधिकरण परिक्षेत्र में 39 बीघा जमीन पर प्लांटिग हो रही है। विकास प्राधिकरण का प्राईवेट सूचना तंत्र जो किसी मकान के बाहर रेत गिरते ही मौके पर पहुँच जाते है। इतनी बड़ी अवैध काॅलोनी कट रही है लेकिन प्राधिकरण की ओर से कोई कार्यवाही नही की जा रही है जिसमें कईयों की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत हो रही हैं।
सूचना यह भी है कि नहर से सटा रास्ता जो 50 वर्षों से गांव के जाने का रास्ता था, उसे बन्द करके पुलिस चैकी के बराबर से नहरवाई की जमीन पर अवैध कब्जा कर नया रास्ता बना दिया, ताकि उसकी भी जमीन को दोगुनी किया जा सकें। नहरवाई विभाग की भूमिका भी इसमें नगण्य हो, नहीं कहा जा सकता।
इस अवैध काॅलोनी के लिए सहारनपुर विकास प्राधिकरण, क्षेत्रीय पटवारी, सिंचाई विभाग, वन विभाग, स्थानीय पुलिस चौकी की भूमिका की जांच होनी नितांत आवश्यक है। अन्यथा भूमाफिया बेखौफ जंगल कटवाकर पर्यावरण को नुकसान पहुँचाते रहेंगे, जिसकी सुरक्षा वर्तमान में सबसे बड़ी जरूरत है।

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