मुसलमान हिंसक नहीं, अहिंसक आंदोलन करें : इंतखाब
मुसलमान हिंसक नहीं, अहिंसक आंदोलन करें और उससे पहले राजनीतिक और सामाजिक नेतृत्व पैदा करें

सहारनपुर। भारत के संविधान निर्माता डॉ अंबेडकर ने कहा था कि दिशाहीन और हिंसक आंदोलन समाज को तबाही की तरफ ले जाता है*। आज सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट और एनआरसी मुद्दे पर जो मुसलमान आंदोलनरत होकर सड़कों पर उतरे हुए हैं वह पूरी तरह से दिशाहीन आंदोलन है। इस आंदोलन का ना तो कोई राजनीतिक नेतृत्व है, और ना ही सामाजिक। बल्कि मुसलमानों की आड़ में इस आंदोलन को कम्युनिस्ट, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस जैसे खतरनाक संगठनो से जुड़े नेताओं ने हाईजैक कर लिया है। यानी लठ मुसलमान खाएगा और राजनीतिक स्वाद कांग्रेस और दूसरे राजनीतिक दलों के नेता चखेगे। इसलिए मेरा मुस्लिम समाज के तमाम नौजवानों से आह्वान है कि वह आंदोलन करें, मगर उससे पहले उसको एक दिशा दें। राजनीतिक और सामाजिक नेतृत्व पैदा करे। उसके बाद संवैधानिक आधार पर अहिंसक आंदोलन करें और अपनी बात सरकार के आगे रखकर उसे मनवाए।
हम मोदी सरकार के सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट और एनआरसी जैसे खतरनाक कानून के खिलाफ है और इसको खत्म कराना चाहते हैं मगर उसके लिए हिंसक नहीं अहिंसक आंदोलन की जरूरत है और आंदोलन भी ऐसा हो, कि जिसको कोई हाईजैक ना करें और कांग्रेस आदि राजनीतिक दलों के नेता इसका फायदा सत्ता हासिल करने के लिए ना उठा पाएं। इसलिए मेरा सभी से आह्वान है कि वह अहिंसक आंदोलन करें और उससे पहले राजनीतिक और सामाजिक नेतृत्व तय करें

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