अवैध निर्माणकर्त्ताओं के मुखबिर बने अवर अभियंता

विरेन्द्र चौधरी

सहारनपुर। अवैध निर्माणकर्ताओं के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराना तो दूर रहा विभाग के अवर अभियंता अपने उच्चाधिकारियों द्वारा अवैध निर्माणों को लेकर सील किये जाने के आदेश आदेशों की भी धज्जियां उडाने में लगे है। सहारनपुर विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता विभागीय दायित्वों के प्रति समर्पित एवं निष्ठावान होने के स्थान पर अवैध निर्माणकर्ताओं के प्रति पूर्ण रूप से वफादार बने हुए है। क्योंकि सहारनपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं सचिव किसी अनाधिकृत निर्माण को लेकर ध्वस्तिकरण, सील एवं पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश जारी करते है तो इन आदेशों के टाईप होने से पूर्व ही इसकी खबर अनाधिकृत निर्माण करने वाले माफियाओं के पास पहुंच जाती है। सवाल यह उठता है कि सहारनपुर विकास प्राधिकरण परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरो (क्लोज़ सर्किट टीवी) के कनेक्शन क्या अनाधिकृत निर्माणकर्ताओं के घरों अथवा कार्यालयों पर भी लगे है। अगर ऐसा नही तो फिर किस प्रकार से उक्त आदेशों की सूचना आदेश पत्र जारी होन से पूर्व ही अनाधिकृत निर्माणकर्ताओं तक पहुंच जाती है। सूत्र बताते है कि क्षेत्रीय अवर अभियंता ही इन खबरेां को अनाधिकृत निर्माणकर्ताआंे तक पहुंचाने में मुख्य भूमिका निभाते है। सहारनपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष@मण्डलायुक्त अगर सविप्रा के अवर अभियंताओं एवं सुपरवाईजरों के निजी मोबाइल नम्बरों की डिटेल निकल वाले तो इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा। 31 अक्टूबर को सहारनपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र सिंह ने कोर्ट रोड हाथीगेट के समीप स्थित अनुपम इंडस्ट्रीज वर्तमान में रैडटेप के अनाधिकृत निर्माण में सील किये जाने के आदेश जारी किये थे, परन्तु यह आदेश टाईप होने से पूर्व ही इसकी सूचना क्षेत्र के अवर अभियंता विजेन्द्र गुप्ता द्वारा निर्माणकर्ता को मोबाइल से पहुंचा दी गयी। हालांकि इस निर्माण में सविप्रा द्वारा लगभग एक माह पूर्व सील लगाई गयी थी, जिसे अवर अभियंता के संरक्षण में निर्माणकर्ता द्वारा तोड दिया गया था। विचारनीय विषय यह है कि इस सबके बाद भी क्षेत्र के अवर अभियंता द्वारा सील तोड़ने के आरोपी निर्माणकर्ता के विरूद्ध एफआईआर दर्ज नही कराई गयी। उक्त अवर अभियंता के ही पेपरमिल रोड स्थित ब्रहमपुरी कार्यक्षेत्र में अशमनीय व्यवसायिक निर्माण को लेकर सहारनपुर विकास प्राधिकरण के सचिव द्वारा निर्माण सील किये जाने के आदेश जारी किये गये थे। परन्तु आज तक भी उक्त निर्माण में सील की कार्यवाही नही की गयी है। क्षेत्र में चर्चा है कि अवर अभियंता उक्त निर्माणकर्ता से लाखों रूपये हजम कर चुका है। इसलिए सील लगाने की कार्यवाही से मुंह चुराने में लगा है। गौरतलब यह भी है कि जिन निर्माणों के मानचित्र सहारनपुर विकास प्राधिकरण में शमन शुल्क के साथ जमा किये जा चुके हैं उनमें क्षेत्र के अवर अभियंता सिर्फ इस कारण सील लगाने की कार्यवाही करने में लगे है क्योंकि उक्त निर्माणकर्ता इनकी जेबे गर्म करने के बजाए सविप्रा कोष में शमन शुल्क जमा कर चुके है। ऐसे में सविप्रा अध्यक्ष@ मण्डलायुक्त को विभाग के अवर अभियंताओं की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर कार्यवाही के लिए आवश्यक निर्णय लेना पडेगा ताकि सविप्रा के माध्यम से होने वाले राजस्व को बढाया जा सके। 

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