निगम का बड़ा कारनामा –  निगम ठेकेदार की शिकायत विभाग द्वारा की गई गुम

विरेन्द्र चौधरी/युसुफ चौरासिया

सहारनपुर। नगर निगम जो सहारनपुर को स्मार्ट सिटी बनाने पर तत्पर है, परंतु नगर निगम के कर्मचारी ही कार्यो का पलीता लगा रहे है, जिसका एक उदाहरण क्षेत्र के वार्ड 66 में बने नाले में हुई अनियमताओं को लेकर दिनांक 13 नवम्बर को नगर निगम में बने शिकायती कक्ष के माध्यम से नगरायुक्त को एक शिकायती दर्ज कराई थी। लेकिन उस शिकायत पर आज तक काई कार्यवाही नहीं हो सकी।
समाचार के अनुसार दर्ज शिकायत में कहा गया था कि वार्ड 66, मेला गुलाल परिक्षेत्र व लक्कड़ मंडी के सामने एक नाले का निर्माण निगम द्वारा कराया गया था। जिसमें सभी मानको को ताक पर रखकर पिल्ली ईंटो का प्रयोग किया गया था। सीमेंट व रेत के मिश्रण से सिर्फ नाले की लीपा-पोती ही की गई। यहां तक की विभाग नाले की चैड़ाई और गहराई को नपवा कर देख सकता है, नाले के लिए हुये टेण्डर और नाले के डाईमेशन में भी भारी अंतर मिलेगा। समाचार के अनुसार नाला बनते हुये जब इसकी शिकायत फोन द्वारा अवर अभियंता राम प्रकाश यादव को की गई, तो अवर अभियंता ने मौके पर आकर शिकायतकर्ता के सामने माना था कि नाले में उपयोग हो रही सारी ईंटे मानकों स्तर की न होकर पिल्ली ईंटों का प्रयोग किया गया है। इस सम्बंध में अवर अभियन्ता ने फोन पर ही ठेकेदार को काम रोक देने के निर्देश देते हुए कहा कि नाले से पिल्ली ईंटों को उखाड़कर अव्वल ईंटों का प्रयोग करों।
खास बात यह है कि ना तो राजा ठेकेदार द्वारा काम रोका गया, ना ही नाले की पिल्ली ईंटों को उखाड़ कर मानकों के अनुरूप अव्वल ईंटे लगाई गयी। इससे साफ जाहिर हो गया कि अवर अभियन्ता और राम प्रकाश यादव और निगम ठेकेदार राजा की सांठगांठ है। दोनों द्वारा मिलीभगत कर निगम के पैसे को डकारा जा रहा है। इस सम्बंध में लिखित शिकायत करने के बावजूद आज तलक पता नही चल सका है कि इस प्रकरण में किसने जांच की, क्या जांच की, जांच का आधार क्या रहा? जांच के उपरांत क्या रिपोर्ट दी गई, उस पर क्या कार्यवाही हुई या जांच की ही नही गई? जबकि शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि जांच के समय शिकायतकर्ता को भी सूचित किया जायें।

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