अधिकारियों के भ्रष्टाचार के चलते मंडी शुल्क वसूली का आधा भी नहीं जाता दर्शाया

विरेन्द्र चौधरी

सहारनपुर। सत्ताधारी दल के कुछ नेताओं की छत्रछाया में मंडी समिति सहारनपुर में राजस्व की बंदरबांट हो रही है। जिला प्रशासन खामोशी का फायदा उठा मंडी समिति के अधिकारी ऊपर की कमाई में व्यस्त है।जिन्हें सरकार को होने वाले आर्थिक नुकसान से कोई लेना-देना नहीं है।
सुत्रों का कहना है कि मंडी समिति की दाल मंडी में फलो के फर्जी आढतियों ने बेखौफ अपना धंधा चलाया हुआ है। हालात बताते है कि जिस आढ़ती के नाम दुकान आबंटित है उसे मंडी समिति के अधिकारियों की मिलीभगत से अन्य फर्जी आढ़तियों को न केवल बेच दिया गया है बल्कि उन्हें अनाधिकृत व्यापार करने की खुली छूट भी दे रखी है।
सुत्रों का तो यहां तक कहना है कि मंडी समिति में आने वाली फसलों को भी पूरा नहीं दर्शाया जाता,मंडी शुल्क से होने वाली सरकारी आय को आपस में बंदरबांट कर लिया जाता है,जिसके चलते यहां आढ़तियों का काला धन भी चलता रहता है और आयकर विभाग को भी चूना लगता रहता है। बताया जाता है कि मंडी सचिव और नोडल अधिकारी यह सब होने दे रहे है।
यहां तक बताया जाता है कि कुछ भाजपा नेताओं का इन अवैध धंधो को खुला संरक्षण है। जबकि होना तो यह चाहिए कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नके भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम में साथ दें,लेकिन वे खुद ही वहां ब्याज-बट्टे के धंधे में लिप्त है। ऐसी चर्चा है कि मंडी में आवक फसल से मिलने वाले मंडी शुल्क को आधा भी नहीं दिखाया जाता है।

मंडी समिति के नोडल अधिकारी भी नहीं देख रहे इस गोरखधंधे कोप्रशासन कराये सर्वे तो खुल जायेगें पत्ते

प्रशासनिक स्तर पर यदि इस दिशां में सर्वे कराया जाये तो खुद पत्ते खुल जायेगें कि दाल मंडी में किस तरह फलों के फर्जी आढ़ती बैठकर व्यापार कर रहे है और बिना लाइसेंस के वहां अनाधिकृत रूप से उक्त धंधे बाजी फलफूल रही है।हो तो यह रहा है कि मंडी समिति की उक्त दुकानों का स्वामित्व बदलने की एक निर्धारित प्रक्रिया है लेकिन जिस तरह फर्जी आढ़तियों को वहां संरक्षण देकर उन्हें काले धन के संचालन की छूट दी गई है उससे भी अधिकारियों की कारगुजारियों को समझा जा सकता है।

सीसीटीवी कैमरों की हो सुविधा

मंडी समिति में बडे़ पैमाने पर हो रही राजस्व की चोरी को रोकने के लिए जरूरी है कि मंडी समिति के प्रवेश मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों को लगाया जाये ताकि मंडी समिति में कितने वाहनों ने फसल के रूप में प्रवेश किया है उनकी गणना की जा सके और मंडी समिति में हो रही राजस्व की बंदरबांट पर विराम लग सके।

News Reporter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *