पश्चिमांचल आंदोलन युवाओं के भविष्य की लड़ाई है ★ विरेन्द्र चौधरी

युसुफ चौरासिया/ एड०साजिद अंसारी

पश्चिमांचल के बेरोजगार युवा जा रहे अंधी गली की ओर,जहां से लौटना होगा नामुमकिन – इसके हम सब होगें जिम्मेदार ★ हक मांगना गद्दारी नही चुप रहना शोषित होना बच्चों के भविष्य के साथ है गद्दारी

सहारनपुर। पश्चिमांचल प्रदेश मेरी जरूरत नही,हम सबकी जरूरत है। पश्चिमांचल रोजगार के लिये भटकते युवाओं की आवश्यकता है। अगर हम सबने मिलकर युवाओं के भविष्य की लडा़ई ना लड़ी तो आने वाला समय युवाओं को ऐसी अंधी गली में ले जायेगा,जहां से उनका लौटना मुश्किल नहीं नामुमकिन होगा।
उक्त विचार पत्रकारों से वार्ता करते हुए पश्चिमांचल प्रदेश निर्माण संगठन के विशेष सचिव जनसंपर्क स्वत्रंत्र प्रभार विरेन्द्र चौधरी ने कहें। चौधरी ने कहा कि शिक्षा के लिए सारी सरकारी यूनिवर्सिटी पूरब में स्थापित की गयी।हाईकोर्ट पूरब में है,विधानसभा पूरब में है। पुलिस मुख्यालय पूरब में है, शिक्षा मुख्यालय पूरब में है,एम्स भी गोरखपुर पूरब में ही खुला है। फिर पश्चिम में क्या है ? पश्चिम को राजनीति ने वोट और लूट का अड्डा बना रखा है। जो आने वाले समय में युवाओं के भविष्य के लिए खतरा है।
विरेन्द्र चौधरी ने कहा कि इस स्थिति के लिए हम खुद जिम्मेदार है। हमें लगता है कि हमारे पेट भरे हुए है जबकि ये हमने झूठा आवरण ओढा हुआ है। उन्होने कहा पहले किसान पर 100 बीघा धरती होती थी, 2बीघा में घर-घेर होता था।आज मुझे कोई एक धरतीपुत्र ढुंढ कर ला दो,जिसके पास 100 बीघा धरती हो। उन्होंने कहा घर-दर-परिवार अब सिमट गये है। युवा रोजगार के लिए भटक रहा है। चौधरी ने कहा अब जागने की जरूरत है।उन्होंने यह भी कहा कि अगर हम अब भी नहीं जागे तो इसका मतलब हमारा बच्चों के प्रति प्यार एक ढोगं है,छलावा है। हम जानबूझकर अपने युवाओं को अंधी गली में ढकेल रहे है,जहां का रास्ता युवाओं को केवल अपराध की ओर ले जा सकता है। उन्होंने पश्चिमांचलियों से अपील की कि संगठित होकर पश्चिमांचल आंदोलन खड़ा करें। अपने हको के लिए लड़ना कोई गद्दारी नहीं है। बच्चों के भविष्य को लेकर चुप बैठना बच्चों के साथ गद्दारी है।

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