निर्भया की मां :- हैदराबाद की पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपियों के साथ जैसा सलूक किया,वह प्रसंशनीय है।मैं हैदराबाद पुलिस की दरियादिली की दाद देती हुं।सात साल बाद मेरे जख्मो पर मरहम लगा
उन्नाव रेप पीडिता का परिवार :- हैदराबाद में डा०प्रियंका रेड्डी के बलात्कारी हत्यारों को मार देना एकदम सही है। ऐसा ही अंजाम हर बलात्कारी का होना चाहिए। पिडिता के चाचा :- बलात्कारियों के साथ ऐसा ही अंजाम होना चाहिए।आज हमारे साथ हुआ है कल किसी ओर के साथ होगा।इस तरह की घटनाओं का सिलसिला चलता ही रहेगा। इसीलिए ऐसे हत्यारों को मौके पर ही मार देना चाहिए।

बलात्कार लाश धर्म
राजनीति में बदलते बोल

हैदराबाद में महिला डॉक्टर प्रियंका रेड्डी की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई।जिसे लेकर पूरे देश के खून खोलना, बवाल आना स्वभाविक था। इस मामले को लेकर टीवी चैनलों व सोशल मिडिया ने तो बवडर खड़ा कर दिया।राजनेताओं और सोशल मिडिया ने ऐसा माहौल एकाउंट कर दिया कि हत्यारों को आज ही पकड़कर किसी चौक पर फांसी दे दी जाये। इस दबाव के कारण पुलिस और अपराधियों दोनों पर ऐसा दबाव आया कि अपराधियों को लगने लगा कि पुलिस हिरासत से भागकर ही उनकी जान बच सकती है। इसी दबाव में उन्होने हिरासत से भागने की कोशिश की और एंकाउटर का शिकार हो गये।दूसरी तरफ पुलिस पर भी राजनीति और मीडिया का इतना दबाव बन चुका था कि अगर आरोपी फरार होने में सफल हो गये तो पब्लिक उनके साथ कुछ भी हालात कर सकती है।इसी मानसिक दबाव की परिणीति रही एंकाउटर की घटना।
अक्सर देखने में आता है जब भी कोई छोटी -बड़ी घटना होती है,तो राजनेता और छपास के आदी उस घटना को राजनीति साम्प्रदायिक व अन्य मामलो से जोड़कर खुद का प्रचार करने में लग जाते है।समाज व राष्ट्र के लिए क्या घातक है क्या इमपेक्ट जा रहा है,इससे इन्हें कोई सरोकार नहीं।
डाक्टर प्रियंका रेड्डी के साथ दर्दनाक हादसा भी इसी परिणीति का गवाह है कि रेड्डी की हत्या पर औवैसी मुखर हुए ,ब्यान दिया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार हर एंनकाउटर की जांच होनी चाहिए।कांग्रेस लीडर शशी थरूर ने कहा न्यायिक व्यवस्था से परे इस तरह के एंनकाउटर बर्दाश्त नहीं किये जा सकते।इस तरह की गैर न्यायिक हत्याओं को सही नही ठहराया जा सकता।राष्ट्रीय महिला आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्षा रेखा शर्मा ने दोहरी बात कही,एक आम आदमी के तौर पर में खुश हुं,उनका वैसा ही अंत हुआ जैसा हम चाहते थे।लेकिन ऐसा न्याय सिस्टम के तहत होना चाहिए था।सीपीएम के वरिष्ठतम नेता सीताराम येचुरी ने कहा गैर न्यायिक हत्याएं और महिलाओं के प्रति हमारी चिंताओं का जबाव नही हो सकती। भाजपा सांसद मेनका गांधी ने रेड्डी के हत्यारों के लिए कहा हम कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकते,यह देश के लिए बहुत भयानक हुआ है।मेनका ने यह भी कह डाला हम लोगो को इसलिए भी नही मार सकते कि हम ऐसा चाहते है। चिदंबरन ने कहा इन एंनकाउटरो की जांच होनी चाहिए। कल तक ये लोग या इनकी पार्टी के लोग रेड्डी के हत्यारों को चौक पर खुलेआम फांसी देने की बात कर रहे थे।एंनकाउटर के बाद ऐसा क्या हो गया जो ये लोग अपनी जुब़ान बदलने लगे।
प्रियंका रेड्डी के साथ हुई दुर्घटना के बाद ये वो लोग है ,जो हत्यारों को चौक पर फांसी देने की बात कर रहे थे,पुलिस ने एंनकाउटर किया तो इनकी जुब़ान ही बदल गयी।अब ये न्यायिक फांसी की बात करने लगे।जबकि पूरे देश में हैदराबाद पुलिस की प्रशंसा हो रही है।पश्चिमांचल प्रदेश निर्माण संगठन के विशेष सचिव जनसंपर्क विरेन्द्र चौधरी ने इन नेताओं के ब्यानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सच यह है कि इन एंनकाउटर के लिए मिडिया और नेताओं के ब्यान ही पूरी तरह जिम्मेदार है, ऐसे ही ब्यानों को लेकर पुलिस मानसिक तनाव और दबाव में थी। इसी मानसिक उहापोह के कारण पुलिस ने जल्दबाजी में अपराधियों को ढेर कर दिया। विरेन्द्र चौधरी ने पुलिस कार्यवाही को ठीक बताते हुए अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि हमारे देश में न्यायपालिका की गति इतनी ढीली और जटिल व लचीली है कि फैसला आने में पता नहीं कितना समय लग जाता,बलात्कार और हत्याओं का सिलसिला यूं ही चलता रहता।ये भले ही पुलिस ये एंनकाउटर किसी दबाव में कर बैठी, लेकिन आप इन्हें एकदम नाजायज भी नही ठहरा सकते। हैदराबाद पुलिस का सही समय पर सही फैसला था। इस दर्दनाक घटना का यही सुखद अंत था। इससे देश में अपराधियों के बीच मैसेज तो गया ही है।निश्चित इस मैसेज से ऐसी घटनाओं में कमी जरूर आयेगी।देश के जिम्मेदार लोगो को भी दर्दनाक घटनाओं पर राजनीति करने के बजाय कानून को अपना काम करने देना चाहिए।

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